नशा मुक्त भारत
हाथ में कलम होनी थी, आँख में अरमान, क्या नशे की राह पर भटक रहा है नौजवान?
जस उम्र म सपन को आसमान देना था, माँ-बाप के संघष को सम्मान देना था, उसी उम्र म क्य खुद से अनजान है इंसान?

क्या नशा मुक्त की राह पर भटक रहा है नौजवान?
माँ क आँख म आज भी उम्मीद पलती ह, पता क मेहनत से घर क खुशयाँ चलती ह, उनक खामोश दुआओं का भी रख कुछ मान, अब तो जागो, मेरे देश के नौजवान!
अब तो जागो, मेरे देश के नौजवान!
नशा कोई मंजिल नहीं, न कोई पहचान है, ये जिंदगी नहीं, जिंदगी से अनजान रास्ता है।
तेरे भीतर भी हौसला है, तेरे भीतर उड़ान, अपने सपन को दे एक नई पहचान।
अगर कभी मु कल तुझे घेर भी लगी, राह तेरी कुछ देर को ठहर भी लगी, मत समझना क खत्म हो गया तेरा जहान, मदद माँगना भी साहस है, मेरे नौजवान!

चल, आज एक नई शुरुआत करते ह, अपने सपन से फर मुलाकात करते ह।
नशे की हर बेड़ी को जागरूकता से तोड़ेंगे, मेहनत के दम पर नए रास्ते जोड़ेंगे।
नशा मुक्त घर हो, नशा मुक्त गाँव हो, हर युवा के जीवन म उम्मीद क छाँव हो।
हर चेहरे पर मुस्कान, हर दल में सम्मान, यही हो मेरे भारत की असली पहचान!
Nasha Mukt Bharat
क्योंकि देश तभी आगे बढ़ पाएगा, जब उसका युवा अपने सपनों को जी पाएगा।
नशे से नहीं, अपने काम से पहचान बनाओ, जिंदगी एक बार मिली है, इसे बेहतर बनाओ!
उठो क अब बदलाव क शुरुआत करनी है, अपने हस्से क रोशनी हर ओर भरनी है।
नशे को नहीं, जिंदगी को चुनना है, अपने सपनों के लिए फिर से उठना है!
क्योंकि देश तभी आगे बढ़ पाएगा, जब उसका युवा अपने सपनों को जी पाएगा।
नशे से नहीं, अपने काम से पहचान बनाओ, जिंदगी एक बार मिली है, इसे बेहतर बनाओ!
उठो क अब बदलाव क शुरुआत करनी है, अपने हस्से क रोशनी हर ओर भरनी है। नशे को नहीं, जिंदगी को चुनना है, अपने सपनों के लिए फिर से उठना है!“देश का भविष्य बचाना है, भारत को नशा मुक्त बनाना है।”

क्या आपने कभी सोचा है क जस देश के युवा अपने सपन को पूरा करने के लए दन-रात मेहनत करते ह,
उसी देश के कुछ युवा नशे की गिरफ्त में आकर अपने सुनहरे भविष्य से दूर होते जा रहे हैं?
जिस उम्र में हाथ में किताब होनी चाहिए, आँख में बड़े सपने होने चाहिए और कदम सफलता की ओर बढ़ने चाहिए,
उस उम्र म यद कोई युवा नशे को अपनी जदगी का हस्सा बना ले, तो यह केवल उस व्य क नह, ब क पूरे समाज क चता बन जाती है।
भविष्य के सपने
जब एक बच्चा जन्म लेता है, तो उसके माता-पिता उसके भविष्य के लिए हजार सपने देखते हैं।
वे चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़े, आगे बढ़े, अपने पैरों पर खड़ा हो और जिंदगी में एक पहचान बनाए।
माता-पिता अपनी खुशियों से समझौता करके बच्चे की खुशियों को प्राथमिकता देते हैं।
उनकी मेहनत, त्याग और उम्मीद के पीछे एक ही सपना होता है—उनका बच्चा एक अच्छा इंसान बने।
लेकिन जब कोई व्य नशे की लत से जूझने लगता है , तो परिवार की खुशियाँ और शांति प्रभावित हो सकती हैं।

इसलिए नशा मुक्त भारत बनाने की शुरुआत अपने घर से होनी चाहिए।
ब के साथ खुलकर बातचीत कजए, उनक परेशानय को समझए और उन्ह ऐसा वातावरण दजए जहाँ वे बना डर के अपनी बात कह सक।
और यद कोई व्यक्त नशे क लत से जूझ रहा है, तो उसे अपमानत करने के बजाय सही उपचार और सहायता ाप्त करने के लए ोत्साहत कजए।
कसी को गलत रास्ते पर देखकर उसे धक्का देना आसान है, लेकन उसका हाथ पकड़कर सही रास्ते तक प ँचाना ही स ी इंसानयत है।
नशा मुक्त भारत
जिस हाथ में कलम होनी थी, उसमें नशा क्या है? जस आँख म सपना होना था, उसम धुआँ क्य है? जस उम्र म दुनया जीतने का अरमान होना था, उसी उम्र म खुद से हारने का अंजाम क्य है?
माँ की दुआओं को अपनी ताकत बनाना है, पता के संघर्ष का सम्मान बढ़ाना है।
अभी तो बहुत दूर तक जाना है तुम्हें, अपने सपनों का नया आसमान बनाना है तुम्हें।
नशे की राह में अपनी पहचान मत खोना, कुछ पल के लिए अपने सपने से मुँह मत मोड़ना।
गिर जाओ कभी तो फिर उठकर चलना, मु कल हो सफर तो अपने से मदद लेना।
युवा संकल्प
आओ मिलकर एक संकल्प उठाएँ, नशे के अँधेरे में जागरूकता के दीप जलाएँ।
हर घर में खुशियों का उजाला हो, हर युवा के हाथ में सपनों की माला हो।
नशा मुक्त गाँव हो, नशा मुक्त शहर हो, हर इंसान के जीवन म उम्मीद का सवेरा हो।
भारत की पहचान उसकी युवा शक्ति बने, हर युवा अपने माता-पिता का अभिमान बने।
नशे को ना कहने की शुरुआत आज से करेंगे, अपने भारत को बेहतर बनाने का प्रयास आज से करेंगे।
आइए, एक नए भारत का संकल्प लें, हम अपने बच्चों को सही संस्कार देने होंगे,
युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हगे और नशे क लत से जूझ रहे लोग को उपचार एवं सहायता तक प ँचने म मदद करनी होगी।

हम यह भी याद रखना होगा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसकी समस्या से बड़ी होती है। https://www.dosje.gov.in/organisation/nasha-mukt-bharat-abhiyaan/
सही समय पर मिली सहायता उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद कर सकती है। आइए, आज हम संकल्प ल क न तो स्वयं नशे को अपनी जदगी का हस्सा बनाएँगे और न ही अपने आसपास इसके दुष्परणाम के प्रत चुप रहगे।
हम जागरूकता फैलाएँगे, जरूरतमंद की सहायता करेंगे और अपने परिवार तथा समाज को स्वस्थ बनाने में योगदान देंगे।
जागरूकता
हमारा सपना केवल एक वकसत भारत का नह, बल्क एक स्वस्थ, जागरूक और जम्मेदार भारत का भी होना चाहए।देश को आगे बढ़ाना है, तो युवाओं को बचाना होगा।
युवाओं को बचाना है, तो नशे के खिलाफ जागरूकता फैलानी होगी।
और भारत को नशा मुक्त बनाना है, तो इसकी शुरुआत हम सभी को अपने आप से करनी होगी।
याद रखए— नशा मुक्त भारत केवल एक नारा नह, बल्क करोड़ जदगय के बेहतर भवष्य का सपना है।
आइए, इस सपने को मलकर साकार कर।
नशे को ना, जिंदगी को हाँ! नशा मुक्त युवा, सशक्त भारत! यही हमारा संकल्प, यही हमारी पहचान।
Krishna Kukreti
BJMC, 1st Semester







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