• News
    • देश
    • दुनिया
  • sports
    • क्रिकेट
    • फूटबाल
    • बैडमिंटन
    • कुश्ती
    • बास्केटबॉल
    • हॉकी
    • बेसबाल
  • Lifestyle
    • फैशन
    • ब्यूटी
    • हेल्थ
  • Entertainment
    • बॉलीवुड
    • टी वी
    • हॉलीवुड
    • म्यूजिक
  • Technology
    • गैजेट्स
    • इन्टरनेट
    • मोबाइल
  • Business
  • Articles
    • English
    • Hindi
Himcom News
Himcom News

June 13th, 2026
  • News
    • देश
    • दुनिया
  • sports
    • क्रिकेट
    • फूटबाल
    • बैडमिंटन
    • कुश्ती
    • बास्केटबॉल
    • हॉकी
    • बेसबाल
  • Lifestyle
    • फैशन
    • ब्यूटी
    • हेल्थ
  • Entertainment
    • बॉलीवुड
    • टी वी
    • हॉलीवुड
    • म्यूजिक
  • Technology
    • गैजेट्स
    • इन्टरनेट
    • मोबाइल
  • Business
  • Articles
    • English
    • Hindi
  • Follow
    • Facebook
    • Twitter
0 comments Share
You are reading
डोनबास ने स्वर्ण मयूर पुरस्कार जीता
डोनबास ने स्वर्ण मयूर पुरस्कार जीता
Home
News
देश

डोनबास ने स्वर्ण मयूर पुरस्कार जीता

November 29th, 2018 urvashi Goel News, देश 0 comments

  • Tweet
  • Share 0
  • Skype
  • Reddit
  • +1
  • Pinterest 0
  • LinkedIn 0
  • Email

सर्गेई लोज़नित्सा द्वारा निर्देशित फिल्म डोनबास ने 49 वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में प्रतिष्ठित स्वर्ण मयूर पुरस्कार जीता है। यह महोत्सव  28 नवंबर, 2018 को गोवा में संपन्न हुआ है। स्वर्ण मयूर पुरस्कार में 4 मिलियन रुपये (40 लाख रुपये) का नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाता है। पुरस्कार राशि निर्माता और निदेशक में बराबर-बराबर बांटी जाती है।

डोनबास फिल्म पूर्वी यूक्रेन के एक क्षेत्र में हुए युद्ध की कहानी है जिसमें अलगाववादी गिरोहों द्वारा बड़े पैमाने पर हत्याओं और लूटपाट के साथ-साथ सशस्त्र संघर्ष को दर्शाया गया  है। डोनबास के माध्यम से उत्सुक रोमांचों की श्रृंखला को दर्शाया गया है। यह फिल्म एक क्षेत्र या राजनीतिक व्यवस्था की कहानी नहीं है बल्कि ऐसे विश्व की कहानी है जो सच्चाई के बाद नकली पहचान की दुनिया में खो गयी है।

डोनबास सर्वेश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म के लिए यूक्रेन द्वारा आधिकारिक रूप से भेजी गयी फिल्म है। केन्स फिल्म महोत्सव 2018 में इस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ निदेशक के लिए ‘यूएन सर्टेन रिगार्ड’ जीता है।

लिजो जोस पेलिसरी को ई.मा.यू. के लिए सर्वश्रेष्ठ निदेशक पुरस्कार प्रदान किया गया।

लिजो जोस पेलिसरी ने अपनी 2018 की फिल्म ‘ई.मा.यू’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निदेशक का पुरस्कार जीता है। यह फिल्म मृत्यु पर एक आश्चर्यजनक व्यंग्य है और यह मानव जीवन को किस तरह प्रभावित करती है इस फिल्म में दर्शाया गया है। केरल के एक तटीय चेलानम गांव की कहानी पर आधारित ये फिल्म एक ऐसे बेटे की दुर्दशा को दर्शाती है जो अपने पिता के लिए एक अच्छे अंतिम संस्कार को करने की कोशिश करता है। उसके रास्ते में अप्रत्याशित रूप से अनेक बाधा और विभिन्न वर्गों से प्रतिक्रियायें आती हैं। इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ निदेशक के लिए रजत मयूर और 15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया है।

चेम्बैन विनोद सर्वश्रेष्ठ अभिनेता बने।

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पुरुष) का पुरस्कार चेम्बन विनोद को ‘ईशी’ की ई.मा.यू. में की गयी भूमिका के लिए दिया गया है। वो ऐसे पुत्र बने हैं जो अपने पिता का एक अच्छा अंतिम संस्कार करना चाहता है लेकिन उसके रास्ते में अप्रत्याशित रूप से अनेक बाधाएं और प्रतिक्रियाएं आती हैं।

अनास्ताशिया पस्तोविट को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार लारियासा फिल्म में की गयी भूमिका के लिए अनास्ताशिया पस्तोविट को प्रदान किया। उन्होंने युक्रेनियन फिल्म ‘वैन दा ट्री फॉल‘ में एक किशोर लड़की की भूमिका के लिए प्रदान किया गया है। सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री को रजत मयूर ट्रॉफी 10-10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है।

मिल्को लाज़रोव की आगा को विशेष जूरी पुरस्कार

मिल्को लाज़रोव की फिल्म ‘आगा’ को विशेष जूरी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह फिल्म यकुटिया के एक बुजुर्ग दंपत्ति सेडना और नानूक की कहानी पर केंद्रित है। जिन्हे अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। विशेष जूरी पुरूस्कार में 15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार, रजत मयूर और प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाता है।

अल्बर्तो मॉन्तेरास II को उनकी पहली फिल्म ‘रेस्पेतो’ के लिए बेहतरीन फीचर फिल्म निर्देशक का पुरस्कार

फिलीपीन्स के अल्बर्तो मॉन्तेरास II को उनकी पहली फिल्म ‘रेस्पेतो’ के लिए बेहतरीन फीचर फिल्म निर्देशक का पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रवीण मोरछाले द्वारा निर्देशित ‘वॉकिंग विद दी विंड’ ने आईसीएफटी –यूनेस्को गांधी पदक जीता, जिसे इंटरनेशनल काउंसिल फॉर फिल्म, टेलीविजन एंड ऑडियो-विजुअल कम्यूनिकेशन, पेरिस और यूनेस्को ने शुरू किया है। गांधी पदक के मानकों के जरिये पुरुषों और महिलाओं में शांति स्थापना के लिए यूनेस्को का बुनियादी अधिकार प्रदर्शित होता है, खासतौर से मानव अधिकार, अंतर-सांस्कृतिक संवाद और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति की विविधता तथा संवर्धन के बारे में।

‘वॉकिंग विद दी विंड’में हिमालय के इलाके के एक 10 वर्षीय बालक की कहानी है, जो गलती से अपने दोस्त के स्कूल की कुर्सी तोड़ देता है। पहाड़ी इलाके में स्कूल जाने के लिए वह 7 किलोमीटर का सफर रोज तय करता है। जब वह अपने गांव में कुर्सी लाने का फैसला करता है, तो यह सफर उसके लिए भारी मुसीबत और चुनौती बन जाता है।

बियेट्रिज सीगनर द्वारा निर्देशित स्पेनी फिल्म ‘लॉस साइलेंसियोस’का आईसीएफटी –यूनेस्को गांधी पदक वर्ग के तहत विशेष उल्लेख किया गया।

हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता, लेखक, पटकथा लेखक और संवाद लेखक सलीम खान को सिनेमा में उनके जीवनपर्यंत योगदान के लिए आईएफएफआई-2018 विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के तहत दिग्गज फिल्म निर्माता को सिनेमा में उनके शानदार योगदान के लिए 10 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि, प्रमाण-पत्र, शॉल और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।

सलीम खान ने 70 के दशक में भारतीय सिनेमा में क्रांति कर दी थी। उन्होंने बॉलीवुड फार्मूला को आमूल बदल दिया था और बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर स्वरूप को नई दिशा दी थी। उन्होंने मसाला फिल्म और डाकू प्रधान फिल्मों जैसी नई विधा विकसित की।

  • Tweet
  • Share 0
  • Skype
  • Reddit
  • +1
  • Pinterest 0
  • LinkedIn 0
  • Email
0%

Summary

  • Tags
  • 49th International Film Festival of India
  • Alberto Monteras II
  • Anastasiia Pustovit
  • Best Director Award for Ee.Ma.Yau
  • Chemban Vinod
  • Donbass
  • featuredhomeews
  • Golden Peacock
  • hImcomnews
  • Milko Lazarov’s Aga
  • Sergei Loznitsa
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest WhatsApp
Next article नीली अर्थव्यवस्था भारत के आर्थिक विकास कार्यक्रम का महत्वपूर्ण अंग
Previous article भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह 2018 का समापन

urvashi Goel

Related Posts

LPG सिलेंडर को लेकर संसद के बाहर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन Articles
March 13th, 2026

LPG सिलेंडर को लेकर संसद के बाहर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन

College Life and Digital Distractions Articles
December 10th, 2025

College Life and Digital Distractions

Indian Gorkhas — Their legacy! Articles
December 6th, 2025

Indian Gorkhas — Their legacy!

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Weekly Timeline
Mar 13th 1:35 PM
Articles

LPG सिलेंडर को लेकर संसद के बाहर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन

Dec 10th 3:48 PM
Articles

College Life and Digital Distractions

Dec 6th 2:22 PM
Articles

Indian Gorkhas — Their legacy!

Dec 6th 12:57 PM
Articles

राष्ट्रपति पुतिन की 2 दिवसीय भारत यात्रा

Dec 4th 2:44 PM
Articles

रूस-यूक्रेन युद्ध छोड़ कर दिल्ली आ रहे रूस के राष्ट्रपति पुतिन

Dec 2nd 3:53 PM
Articles

Kumari – The Living Goddess of Nepal

Dec 1st 1:56 PM
Articles

Exploring best places of the Northeast

Weekly Quote

I like the dreams of the future better than the history of the past.

Thomas Jefferson
  • News
  • sports
  • Lifestyle
  • Entertainment
  • Technology
  • Business
  • Articles
  • Back to top
© Himcom News 2017. All rights reserved.
Managed by Singh Solutions