मेरा नाम जोकर राज कपूर की सभी फिल्मों में से सबसे बहतरीन फिल्म मानी जाती है। फिल्म की एक अहम खासियत यह है कि ऋषि कपूर को इसमें पहली बार मौका मिला। राज कपूर की ये सबसे पसंदीदा फिल्म है और उनके हिसाब से इसमें बहुत ही गहरा संदेश छिपा है। ये फिल्म एक जोकर के इर्द गिर्द घूमती है जो ख़ुद के ग़मों और दुःखों को भुला कर, सब को खूब हँसाता ही है।

इस फिल्म को बनने में लगभग 6 वर्ष लगे और राज कपूर ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिआ। दर्शकों को काफी पसंद आने वाली इस फिल्म की बड़ी विडंबना यह रही कि यह रिलीज़ होने के बाद बुरी तरह से पिट गयी। इसकी मुख्य वजह इस फिल्म के काफी लंबी होने और अब तक रिलीज होने वाली फिल्मों से हटकर राज कपूर ने एक अलग नजरिया पेश किया था, जो पहली नजर में दर्शकों को पसंद नहीं आया।

एक बात और अहम यह है कि राजकपूर की संगम मेरा नाम जोकर के पहले रिलीज हुई थी और उसे काफी सराहा गया था। संगम के बाद ये दूसरी ऐसी फिल्म थी जिसमे दो इंटरवल थे। 1980 में इस फिल्म को दोबारा से रिलीज़ किया गया और क्रिटिक्स और दर्शकों दोनों इस काफी सराहा। मेरा नाम जोकर ने अपनी ज़ोरदार कमाई के कीर्तिमान स्थापित किये। मेरा नाम जोकर को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेस्ट संगीत का पुरस्कार भी मिला।

ये फिल्म राज कपूर की खुद की कहानी मानी जाती है जिसकी वजह से ये फिल्म उनका सबसे बेहतरीन काम माना जाता है। मेरा नाम जोकर हिंदी सिनेमा की एक क्लासिक फिल्म मानी जाती है। इस फिल्म को प्रदर्शित हुए एक लंबा समय बीत चुका है लेकिन यह आज भी काफी सराहा जाता है।
अभिषेक बावा







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