कोलकाता । तीन तलाक के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ने वालीं इशरत जहां को उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले(एक साथ तीन तलाक पर छह महीने की रोक) के बाद उनके साथ-साथ दूसरी मुस्लिम महिलाओं की परेशानियां कम हो जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इशरत का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है।
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Tripal talak
इशरत ने कोर्ट में तो तीन तलाक के खिलाफ जंग जीत ली, लेकिन अब कोर्ट के बाहर उनका संघर्ष शुरू हो गया है जो लंबा चलेगा। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, इशरत को उनके ही रिश्तेदारों और पड़ोसियों की आलोचना और बदजुबानी का शिकार होना पड़ रहा है। उनका कहना है कि आसपास के लोग उनको ‘गंदी औरत’ और इस्लाम विरोधी कहते हैं। खबर के मुताबिक, इशरत ने बताया, ‘सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद मुझ पर ताने मारने वालों की बाढ़-सी आग गई है। ससुराल वाले और पड़ोसी मेरे चरित्र को लेकर तरह-तरह की बातें करते हैं। मुझे गंदी औरत कहते हैं। कई पड़ोसियों ने तो मुझसे बात करना भी बंद कर दिया है। मुझे मर्दों की दुश्मन और इस्लाम विरोधी तक कहा जा रहा है।’
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इश्रत कहती हैं कि लोगों के बदले रवैये को देखकर उन्हें काफी दुख हुआ है। वह समझ गई है कि लोगों के नजरिये में कोई बदलाव नहीं होने वाला है। समाज तब तक नहीं बदलेगा, जब तक लोग नहीं बदलना चाहेंगे। समाज जिस दिन मेरे जैसी महिलाओं की मदद करने के बारे में सोचना शुरू कर देता, उसी दिन से बदलाव शुरू हो जाएगा।







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