रामनाथ कोविंद ने भारत के 14वें राष्ट्रपपति के रूप में शपथ ले ली है। इसके साथ ही 330 एकड़ में फैले 750 से ज्यादा स्टॉफ वाले राष्ट्रपति भवन में उनका निवास स्थान होगा। मौजूदा व्य़वस्था के तहत राष्ट्रपति को डेढ़ लाख रुपये वेतन मिलता है, हालांकि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में राष्ट्र के प्रथम नागरिक यानी राष्ट्रपति के वेतन में 200 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है। इस प्रस्ताव के तहत राष्ट्रुपति का वेतन पांच लाख रुपये मासिक होने की संभावना है।

राष्ट्रपति के वेतन में 200 फीसदी वृद्धि का फैसला उस वक्त लिया गया जब सिफारिशों के लागू होने के बाद कैबिनेट सेक्रेटरी का वेतन, राष्ट्रपति से भी ज्या्दा हो गया था। नई व्यफवस्थाा के तहत केवल राष्ट्रपति ही नहीं, बल्कि उपराष्ट्रपति और राज्यपालों की सैलरी में भी बढ़ोतरी का प्रस्तागव मंजूर किया गया है.

इस वक्त उपराष्ट्रपति की सैलरी 1.25 लाख रुपये है जोकि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद 3.5 लाख रुपये मासिक हो जाएगी, जिनका लाभ पूर्व राष्ट्रिपतियों को भी मिलेगा। यानी कि पूर्व राष्ट्र.पतियों को अब पेंशन के रूप में 1.5 लाख रुपये मिलेंगे।







Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.