नयी दिल्ली. बिहार के बहुचर्चित टॉपर घोटाले मामले की जांच कर रही ईडी को बड़ी कामयाबी मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को टॉपर घोटाला के मास्टरमाइंड अमित कुमार उर्फ बच्चा राय की 4.53 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की। ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के केस में की है। ई़डी ने 4 बार बच्चा राय की पत्नी और अन्य परिजन को समन देकर पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन कोई पेश नहीं हुआ। इसके बाद ईडी को बच्चा राय की संपत्ति जब्त करनी पड़ी।

जानकारी के मुताबिक बच्चा राय ने अपने बच्चों और पत्नी के नाम से संपत्तियां खरीदी हैं। पूछताछ में बच्चा राय ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि उनके पास इन संपत्तियों को खरीदने के लिए राशि कहां से आई। ईडी ने बच्चा राय की हाजीपुर,भगवानपुरऔर महुआ के 29 प्लाटों को जब्त कर लिया है। इसके अलावा बच्चा राय के हाजीपुर स्थित दो मंजिला मकान और पटना के एक फ्लैट को भी अटैच किया गया है। इसके अलावा 10 बैंक खातों को भी सीज किया गया है जो ट्रस्ट के नाम से चल रही थी।
साल 2016 में हुए इस घोटाले का पता तब चला था जब बोर्ड के टॉपर छात्र सौरभ श्रेष्ठ और छात्रा रूबी राय का इंटरव्यू हुआ। इस इंटरव्यू में रूबी राय इंटरमीडिएट में अपने विषयों की जानकारी भी नहीं दे पाई थी और पॉलिटिकल साइंस को ‘प्रॉडिकल साइंस’ बताया था। इस खुलासे के बाद बिहार की शिक्षा व्यवस्था और कॉलेज में हो रही धांधली पर सवाल उठने शुरू हो गए थे। जिसके बाद राज्य सरकार ने इस घोटाले की जांच के लिए एसआईटी को सौंप दिया था ।
इसके बाद ही बिहार सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष लोकेश्वर सिंह के साथ 4 कॉलेजों के प्रधानाध्यापकों को गिरफ्तार किया गया था। जिनमें बच्चा राय का नाम भी शामिल था। बच्चा राय अभी जेल में है , कोर्ट ने उनके अंतरिम जमानत पर रोक लगा दी थी।








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