दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए इस बार भी रिवाइज्ड ग्रैप लागू किया जा रहा है। शनिवार को राजधानी में पूर्वानुमान को देखते हुए ग्रैप के दूसरे चरण को लागू कर दिया गया। अब देखना यह है कि इसके तहत जारी पाबंदियां इस बार लागू हो पाती हैं या नहीं। दरअसल इसके कुछ नियम सालों से लागू नहीं हो पा रहे हैं।
क्या बढ़ेगी पार्किंग फीस प्राइवेट
गाड़ियों के इस्तेमाल को रोकने के लिए पार्किंग फीस बढ़ाने का नियम ग्रैप-2 में है। लेकिन इस नियम के साथ कई विवाद भी जुड़े हैं। ग्रैप को 2017 में पहली बार लागू किया गया था। उस समय तात्कालीन ईपीसीए के आदेश पर डीएमआरसी समेत कई जगहों पर पार्किंग फीस में तीन से चार गुना तक इजाफा हुआ। इसके तुरंत बाद इस नियम की खामियां सामने आने लगी तो इसे वापस ले गया। उसके बाद से 2022 तक यह नियम ग्रैप में लागू नहीं हो सका है।
क्या इस बार चलेंगी पर्यावरण स्पेशल बसें
ग्रैप-2 के तहत मेट्रो और बसों की सर्विस बढ़ाने का भी नियम है। 2021 में दिल्ली सरकार ने पर्यावरण स्पेशल बसें चलाईं थी। यह पहल सिर्फ दिल्ली में हुई थी। 2018 में एनसीआर में भी इस तरह की पहल की गई थी, लेकिन 2022 में दिल्ली एनसीआर में कहीं भी पर्यावरण स्पेशल बसें नहीं चलाई गई। अब इस बार यह चलेंगी या नहीं इस बारे में आने वाले समय में ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दिल्ली को प्रदूषण से बचाने के लिए क्या किया
एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की अगुवाई वाली बेंच ने दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी, दिल्ली पल्यूशन कंट्रोल कमिटी और सेंट्रल पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ ही कमीशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (CAQM) को नोटिस जारी कर एक्शन टेकन रिपोर्ट दायर करने का निर्देश दिया हैं।
अथॉरिटीज को रिपोर्ट में यह बताना है की उन्होंने GRAP के मुताबिक एयर क्वॉलिटी इंडेक् (एक्यूआई) को तय सीमा में रखने के लिए दिल्ली में क्या कार्रवाई की है ताकि सर्दियों में लोगों की सेहत को ज्यादा नुकसान न पहुंचे। मामले में अगली सुनवाई 8 नवंबर को है। उससे पहले इन्हें ये रिपोर्ट एनजीटी के सामने रखनी है।
Name – Shubhangi
Class – BAJMC 1







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