केन्द्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग तथा गंगा संरक्षण मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज यहां प्रवासी भारतीय केन्द्र में ‘’वस्तुओं की रीसाइक्लिंग के माध्यम से सतत विकास : नीतिगत व्यवस्था’’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन का आयोजन नीति आयोग द्वारा किया गया था। सम्मेलन में हुयी चर्चाओं में आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत और वस्तुओं की रीसाइक्लिंग के जानकार दुनियाभर के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस सम्मेलन के जरिए भारत में रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा करने, आयात पर निर्भरता कम करने,पर्यावरण संरक्षण तथा सर्कुलर अर्थव्यवस्था की अवधारणाएं अपनाने के लिए कई सारे विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है।
अपने उद्धाटन भाषण में श्री गडकरी ने कहा कि रीसाइक्लिंग अभियान की सफलता के लिए जनता की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है। रीसाइक्लिंग से विकास, धनोपार्जन और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी। नीति आयोग के उपाध्यक्ष डा. राजीव कुमार ने अपने भाषण में पर्यावरण,अर्थव्यवस्था और सामाजकि क्षेत्र को रीसाइक्लिंग से होने वाले लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसके लिए अल्पावधि, मध्यावधि और दीर्घावधि लक्ष्यों पर जोर देते हुए कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल कर ‘हम अपने सीमित संसाधनों पर निर्भरता घटा सकेंगे, लैंडफिल्स पर निर्भरता पूरी तरह खत्म कर सकेंगे तथा देश के सतत विकास और देशवासियों के कल्याण के प्रयासों में पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम कर पाएंगे।’ श्री अमिताभ कांत ने दहाई अंक की विकास दर हासिल करने की देश की आकांक्षाओं का उल्लेख किया और इसके साथ ही रीसाइक्लिंग को महत्व देने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखाकिंत करते हुए कहा कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था के सभी प्रमुख क्षेत्र लाभान्वित होंगे।
दिनभर चलने वाले इस सम्मेलन में इस्तेमाल की जा चुकी वस्तुओं को फिर से इस्तेमाल करने लायक बनाने वाली अर्थव्यवस्था अपनाने, “रीसाइक्लिंग उद्योग में आधारभूत संरचना”, “रीसाइक्लिंग उद्योग में मानक और प्रमाणीकरण”, रीसाइक्लिंग के पर्यावरण लाभ” और “रीसाइक्लिंग से जुड़े वित्तीय और कराधान मुद्दे” जैसे विषयों पर पाचं तकनीकी सत्र होंगे। इसके बाद नीति आयेाग के सदस्य डाक्टर वी के सारस्वत सम्मेलन में समापन सत्र को संबोधित करेंगे। आशा की जाती है कि सम्मेलन में होने वाली इन चर्चाओं से वस्तुओं की रीसाइक्लिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं के लिए नीतियां बनाने में काफी मदद मिलेगी।







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