नई दिल्ली। 2018-19 के दौरान कुल व्यय 24.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। 3.3 प्रतिशत राजकोषीय घाटा 6 लाख 24 हजार 276 करोड़ रुपये होने का अनुमान है जिसका वित्त पोषण ऋण लेकर किया जाएगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने 2018-19 का आम बजट प्रस्तुत करते हुए आज कहा कि इस बजट से सरकार की कृषि, सामाजिक क्षेत्र, डिजिटल भुगतान, अवसंरचना तथा रोजगार सृजन में निवेश को पर्याप्त बढ़ावा देने के साथ-साथ वित्तीय समेकन के मार्ग पर प्रशस्त रहने की दृढ़ प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है। वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री श्री अरुण जेटली ने कहा कि संशोधित अनुमान (2017-18) से व्यय में 2,24,463 करोड़ की वृद्धि सरकार की प्रतिबद्धता को प्रमाणित करती है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य संशोधित अनुमान 2017-18 से सकल घरेलु उत्पाद के राजकोषीय घाटे को 0.2 प्रतिशत कम करने का है। उन्होंने वर्ष 2018 के लिए सकल घरेलु उत्पाद के 3 प्रतिशत के राजस्व घाटे का प्रस्ताव किया है।

The Union Minister for Finance and Corporate Affairs, Shri Arun Jaitley departs from North Block to Rashtrapati Bhavan and Parliament House, along with the Minister of State for Finance and Shipping, Shri P. Radhakrishnan, the Minister of State for Finance, Shri Shiv Pratap Shukla and the senior officials to present the General Budget 2018-19, in New Delhi on February 01, 2018.
वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली ने कहा कि मौजूदा सरकार ने मई 2014 में उस समय कार्यभार सम्भाला था जब राजकोषीय घाटा बहुत उच्च स्तर पर था। 2013-14 का राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत था। प्रधानमंत्री और सरकार विवेकशील राजकोषीय प्रबंधन और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने को हमेशा उच्च प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार 2014 में लगातार राजकोषीय घाटा समेकन के पथ पर आगे बढ़ी है। राजकोषीय घाटा 2014-15 के 4.1 प्रतिशत से कम करके 2015-16 में 3.9 प्रतिशत तथा 2016-17 में 3.5 प्रतिशत पर लाया गया। 2017-18 में संशोधित राजकोषीय घाटा सकल घरेलु उत्पाद के 3.5 प्रतिशत पर 5.95 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
वित्त मंत्री ने कहा कि संशोधित राजकोषीय मार्ग दर्शन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता के प्रति असंदिग्ध विश्वसनीयता लाने के लिए ऋण नियम को अंगीकार करने और जीडीपी अनुपात की तुलना में केंद्रीय सरकार के ऋण को 40 प्रतिशत नीचे लाने से संबंधित राजकोषीय सुधार और बजट प्रबंधन समिति की प्रमुख सिफारिशों को स्वीकार करने का प्रस्ताव करता हूं। सरकार ने राजकोषीय घाटा लक्ष्य को प्रमुख प्रचालनात्मक मानदण्ड के रूप में उपयोग करने की सिफारिश मान ली है। श्री जेटली ने बताया की आवश्यक संशोधन प्रस्ताव वित्त विधेयक में शामिल कर लिए गए हैं







Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.