चंडीगढ़। सिरसा स्थित डेरा सच्चा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सीबीआइ की विशेष अदालत आज दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में सजा सुनाएगी। मोर्चा संभाले जवानों को संदिग्ध गतिविधि पर असामाजिक तत्वों को गोली मारने के निर्देश दिए गए हैं। सुबह से ही पूरा रोहतक और सिरसा सेना की निगरानी में है। राम रहीम को 25 अगस्त को दोषी करार दिया गया था। सजा सुनाने के लिए रोहतक की सुनारिया जेल में दोपहर बाद 2.30 बजे विशेष कोर्ट लगाई जाएगी।

Baba Ram Rahim
यह पहली बार होगा जब हरियाणा के किसी जेल परिसर में अदालत लगाकर सजा सुनाई जाएगी। राम रहीम को न्यूनतम सात साल व अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है। 15 साल पुराने इस मामले में पीडि़त साध्वियों को न्याय मिलेगा।
Also Read: राम रहीम मामले में भारत पर चीन का तंज
सीबीआइ कोर्ट ने राम रहीम को भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की तीन धाराओं 376 (दुष्कर्म), 506 (डराने-धमकाने) और 509 (महिला की इज्जत से खिलवाड़) के तहत दोषी ठहराया है। वहीं, फैसले को लेकर पंजाब-हरियाणा हाई अलर्ट पर हैं। पंचकूला में हुई आगजनी से सबक लेते सरकार ने रोहतक जेल के बाहर पांच स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया है। पुलिस और सुरक्षा बलों को मौके पर ही तुरंत एक्शन लेने व उपद्रवियों को गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। हेलीकॉप्टर व ड्रोन से नजर रखी जाएगी। अर्धसैनिक बलों की 23 कंपनियां तैनात की गई हैं।
पंजाब में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पंजाब के चार जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है। इनमें बरनाला, मानसा, बठिंडा व पटियाला शामिल हैं। पटियाला के सिर्फ समाना व पातड़ां में ही कर्फ्यू है। हरियाणा में सिरसा के अलावा अन्य सभी जगहों से कर्फ्यू हटा दिया गया है।
पंजाब के नाम चर्चा घरों को खाली करा पैरामिलिट्री फोर्स व पुलिस तैनात कर दी गई है। स्कूलों-कॉलेजों में छुट्टी रहेगी। इंटरनेट सेवाएं व इंटर स्टेट बस सेवा भी बंद रहेगी। बसों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इंटरनेट सेवा पर रोक मंगलवार सुबह 11.30 बजे तक जारी रहेगी।
Also Read: हनीप्रीत, बन सकती है राम रहीम की उत्तराधिकारी
सीबीआइ के विशेष जज जगदीप सिंह हेलीकॉप्टर के जरिए पंचकूला से रोहतक में स्थित सुनारिया जेल पहुंचेंगे। उनकी सुरक्षा में एसपी स्तर के अधिकारी एवं कमांडो तैनात हैं। सजा सुनाने के बाद उन्हें हेलीकॉप्टर से किसी गुप्त स्थान पर पहुंचा दिया जाएगा।
तीन साल से कम सजा होने पर सीबीआइ जज को जमानत पर छोडऩे का अधिकार है। इससे अधिक सजा की स्थिति में ऑर्डर मिलते ही दोषी जमानत के लिए हाईकोर्ट में आवेदन कर सकता है। चूंकि दुष्कर्म में न्यूनतम सात साल की सजा निर्धारित है, इसलिए राम रहीम के पास जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं। हाईकोर्ट के फैसले तक उसे जेल में ही रहना होगा।







Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.