नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अरब इस्लामिक समिट में जो कुछ कहा वह वाकई चौंकाने वाला है। अपनी मुस्लिम विरोधी छवि के कारण वह आलोचनाओं में रहे लेकिन समिट में उन्होंने मुसलमानों के प्रति नरमी दिखाई है। रियाद से मिली खबरों के अनुसार ट्रंप ने मुस्लिम रीति-रिवाजों से मिलने और घुलने की कोशिश भी की। इस दौर में ट्रंप की पत्नी और बेटी ही साथ हैं।

डोनाल्ड ट्रंप की छवि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के समय मुस्लिम विरोधी बनकर उभर। इतना ही नहीं उन्होंने शानदार जीत हासिल करके मुसलमानों के खिलाफ फैसले भी शुरु कर दिये। इनमें अमेरिका में मुस्लिम देशों के प्रवेश पर प्रतिबंध, सीरिया पर हमला और अफगानिस्तान में सबसे शक्तिशाली गैर परमाणु बम गिराना शामिल है। जाहिर है इससे मुस्लिम देशों में ट्रंप के खिलाफ नाराजगी बढ़ी। लेकिन अपने पूर्व के स्टैंड से इतर अब ट्रंप मुस्लिम परस्त छवि बनाने में लग गये हैं। माना जा रहा है कि यह डोनाल्ड ट्रंप या फिर अमेरिकी स्वार्थ है जो उन्हें यह करनेको मजबूर कर रहा है। अरब इस्लामिक समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जो कुछ अपने भाषण में कहा उससे मुस्लिम के प्रति आत्मीयता दिखाई दी। माना जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रप अपनी खास शैली के अनुसार सबकुछ एक झटके में बदल देना चाहते हैं।
एकाएक इस मुस्लिम प्रेम के कारण मुस्लिम देशों को ही अमेरिका का आश्चर्यचकित होना स्वाभाविक है। अचानक इस तरह से उनके बदलाव के बारे में सोचा भी नहीं गया था। अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही शानदार राष्ट्रपति चुनाव में दर्ज की हो लेकिन वह अपने घर में अभी भी घिरे हुए हैं। सबसे ताजा उदाहरण एफबीआई चीफ जेम्स कोमी को पद से हटाना है। कोमी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रुस के कथित हस्तक्षेप की जांच कर रहे थे। माना जा रहा है कि वह रुस के राष्ट्रपति सर्गेई लावरो को अहम खुफिया जानकारी देकर मुसीबत में हैं। माना जा रहा है इन सबसे ध्यान भटकाने के लिए अब डोनाल्ड ट्रंप के पास और कोई विकल्प नहीं बचा है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने छह मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। यह भी माना जा रहा है कि इससे उबरनेके लिए अब उनका मुस्लिम प्रेम उमड़ पड़ा है।
अरब इस्लामिक अमेरिकी समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मुस्लिम देशों से अपील की कि वे इस्लामिक कट्टरपंथ के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ने के लिए आगे आएं। आतंकवाद की लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। उल्लेखनीय है कि इस सम्मेलन में ५५ देश हिस्सा ले रहे हैं जिनमें भारत के दो पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश भी शामिल हैं। राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद ट्रंप की यह पहली विदेश यात्रा है।







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