कौन सी वो चीज़ है जो जहाँ में नहीं मिलती , सब क़ुछ मिल जाता है लेकिन “माँ” नहीं मिलती ……
मदर्स डे एक दिन है, जो कई लोगों के लिए दुनिया भर में माताओं और मां के प्रति अपनी प्रशंसा दिखाने के लिए है। लेकिन मदर्स डे तो उसी दिन से शुरू हो जाता है जिस दिन से माँ अपने छोटे बच्चे का गर्भ में पोषण करती है। अपने निस्वार्थ प्रेम के बदले, वह कुछ भी नहीं होने की अपेक्षा करती है वास्तव में, माँ पृथ्वी पर ईश्वर का ही रूप है और हम सब के लिए अपनी ज़िंदगी का बेशक़ीमती तोहफा भी। जैसे की माँ अपना प्यार दिखाने में कभी पीछे नहीं हटती वैसे हमें भी अपनी माँ को अपना प्यार जताने से एक भी कदम पीछे नहीं हटाना चाहिए और हर दिन को मदर्स डे की तरह मनाना चाहिए।
कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके देश ने मदर्स डे को किस दिन अपनाया हो सकता है, अपनी भावनाओं को बांटने के लिए किसी विशिष्ट दिन की आवश्यकता नहीं है। हर दिन मदर्स डे हो सकता है!







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