नई दिल्ली। चारधाम की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को जल्द ही मोदी सरकार एक खुशखबरी देने वाली है. मोदी सरकार एक प्लान तैयार कर रही है, जिसमें उत्तराखंड में चार धाम की यात्रा करने वालों को जल्द ही रेल की सुविधा मिलेगी. अब श्रद्धालुओँ को आसानी से रेलगाड़ी से चार धाम के दर्शन कर सकेंगे. साल 2017-18 के बजट में 120.92 करोड़ रुपये की लागत से अंतिम सर्वेक्षण कार्य को मंजूरी दे दी गई है.

इससे पहले आरवीएनएल (रेल विकास निगम लिमिटेड) ने वर्ष 2014-15 में पैमाइश अभियांत्रिकी सर्वेक्षण (आरईसी) किया था और अक्टूबर 2015 में एक रिपोर्ट भी सौंपी थी. पैमाइश सर्वेक्षण के मुताबिक यात्रा मार्ग की लंबाई 327 किलोमीटर है और खर्चा तकरीबन 43,292 करोड़ रूपये आएगा.
आरईसी के सर्वेक्षण में 21 नये स्टेशनों, 61 सुरंगों और 59 पुलों की फरमाइश की गयी थी. सुरंगों की कुल लंबाई 279 किलोमीटर है. चार धाम के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन अभी डोईवाला, रिषिकेश और कर्णप्रयाग हैं. रेलमंत्री सुरेश प्रभु 13 मई को बद्रीनाथ में अंतिम स्थान सर्वेक्षण की आधारशिला रखेंगे.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के चारों धामों, बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री को आपस में जोड़ने के लिये रेल सर्किट विकसित किया जायेगा. एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री ने बताया कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु 13 मई को बदरीनाथ में इस सर्किंट की स्थापना करेंगे .उन्होंने बताया कि इस सर्किट से सोनप्रयाग और जोशीमठ को भी जोड़ा जायेगा .







Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.