Parth Singh
पाकिस्तान एक ऐसा देश, जो अपने लचर विदेश नीति तथा आतंकवाद को पालने पोषणे को लेकर पूरे विश्व भर में बदनाम है, लेकिन पाकिस्तान का आंतरिक माहौल भी कुछ खास नहीं है इसका उदाहरण हमें निरंतर मिलता रहता है।
जबरन धर्मांतरण से लेकर आतंकवाद को पालने पोषने तक, इस्लामिक कट्टरपंथियों से भरा ये देश खुद अपने लिए विप्पती पैदा करने में भी पीछे नहीं रहता है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण पेशावर में हुए सैन्य स्कूल पर हमला है जिसने पूरे विश्व में पाकिस्तान कि किरकिरी कि थी , इस हमले में सैकड़ों मासूम बचे तथा शिक्षक मारे गए थे , सूत्रों के मुताबिक ये हमला तालिबान ने किया था , तालिबान वहीं आतंकवादी संघठन है जिसको पाकिस्तान हमेशा से मदद पहुंचाता आ रहा है।
जबरन धर्मातरण आज पाकिस्तान में एक आम बात है, यहां तक कि पाकिस्तान के बड़े बड़े नामचीन नेता भी दूसरे धर्म की लड़कियों का धर्मांतरण करवा कर उनसे जबरन विवाह कर लेते है, और इन सब से भी ज्यादा शर्मनाक बात ये है कि, उन सारी लड़कियों का उम्र १८ वर्ष से कम होता है।
अभी ताजा उदाहरण सिंध प्रांत में घटित हुई है जहा एक १३ वर्ष की लड़की को अपहरण कर के उसका जबरन धर्मांतरण करवा एक शादी शुदा अधेड़ उम्र के व्यक्ति से निकाह करवाया दिया गया,
दूसरी ताजा घटना एक ईसाई बची के साथ घटी है जिसका पिता अभी भी न्याय के लिए दर दर कि ठोकरें खा रहा है।
एक तरफ पाकिस्तान ईशनिंदा कानून का बहाना बनाकर इस्लाम धर्म की रक्षा करने का नाटक करता है वहीं दूसरी तरफ अल्पसंख्यकों पे हो रहे अत्याचार को इस तरह से नजरअंदाज करता है जैसे अल्पसंख्यक इंसान नहीं जानवर है, शायद यही कारण है कि पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक मौका देखते ही भारत का रुख कर लेते है ।
भारतीय सरकार द्वारा लाया गया नागरिकता संशोधन कानून भी उन्हीं पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों को भारत में नागरिकता देने का एक जरिया है ।







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