Abhishek Kumar
इजराइल के नए प्रधानमंत्री नफताली बैनेट ने 14 जून 2021 को देश की बागडोर संभालने की जिम्मेदारी अपने जिम्मे ले ली है| इजराइली संसद में कुल 120 सीटों पर चुनाव के नतीजे सामने आए जिसमें केवल 1 वोट अधिक यानी 61 वोटों से जीत हासिल करके दैनिक गठबंधन ने सरकार बनाई |
इसराइल में 12 वर्षों तक बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री पद को संभाले रखा था। बेंजामिन नेतनयाहू को हराने के लिए 8 पार्टियों ने गठबंधन किया जिसमें दक्षिणपंथी धार्मिक यहूदी पार्टी, मध्य मार्गी वामपंथी पार्टी , अरब पार्टी , यस अतित पार्टी अन्य शामिल थे।
नफतली बैनेट को महज 7 सीट ही हासिल हुआ था जब नफतली बेनेट ने पार्टी का नेतृत्व संभाला इसकी विपक्ष का कोई जानकारी नहीं थी विपक्ष में सब हैरान रह गए ।नफतली बैनेट राजनीतिज्ञ में आने से पहले स्पेशल टास्क फोर्स के सैनिक से हाइटेक करोड़पति व्यक्ति थे। गठबंधन में सबसे अधिक वोट यस अतीत पार्टी को मिले थे जिसके नेता अयारलेपिड थे। अयारलेपिड भी राजनीतिज्ञ में आने से पहले एक न्यूज़ एंकर थे यह बात उस समय की है जब मध्य वर्ग के लोग अपने हक के लिए आंदोलन कर रहे थे अयारलेपिड विपक्ष में वित्त मंत्री भी रह चुके हैं।
इजराइल में प्रधानमंत्री का कार्यकाल 4 वर्ष का होता है गठबंधन की सरकार ने नफताली बेनेट और अयारलेपिड के बीच यह समझौता हुआ है कि आधे कार्यकाल वर्ष तक नफताली बेनेट प्रधानमंत्री बनेंगे यानी 2023 तक प्रधानमंत्री नफताली बेनेट रहेंगे तथा आधे कार्यकाल यानी 2025 तक अयारलेपिड को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा।
इजराइल के भूतपूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने गठबंधन पार्टी की सरकार को कमजोर पार्टी कहा है क्योंकि गठबंधन मे सभी पार्टी के विचार अलग-अलग है । उन्होंने कहा बहुत जल्दी ही गठबंधन पार्टी का पतन हो सकता है और आगे उन्हीं की सरकार बनेगी ।
इजराइल के नए प्रधानमंत्री को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन , रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है तथा इजराइल के साथ रिश्ते को लेकर भी इजराइल के समर्थन में बात कही है और कहा है आगे भी इजराइल के साथ रिश्ते मजबूत करेंगे।







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