19 June 2020, kaushlendra raj Shukla
15 जून 2020 याद रखियेगा इस तारीख को , क्योंकि 45 साल बाद चीन ने इसी तारीख को पाकिस्तान की तरह अपने दोहरे चरित्र का परिचय दिया था, याद रखियगा इस तारीख को जब इस दिन हम अपने घरों में चैन की नींद सो रहे थे ठीक उसी वक्त हमारे देश के सैनिक इस देश के हुक्मरानों की सफल विदेश नीति को नेपथ्य में रखकर अपनी जान को गवा कर इस देश की हिफाजत कर रहे थे। चीन को हराने का तरीका हम अपने से ढूंढ चुके थे उनके ऐप को इंस्टॉल कर के इत्यादि। हम इसी बात पर भरोसा करते रहे थे की बातचीत से आपसी सहमति बना कर चीन अपने सैनिकों को नियंत्रण रेखा से पीछे हटा रहा है । रक्षा मंत्री से लेकर हर वो जिम्मेदार व्यक्ति ये अश्वासन देता रहा कि बातचीत से स्थिति सामान्य हो रही है , और जल्द हालात बिल्कुल पहले कि तरह हो जायेगे। कई लोग इस बात का दावा कर रहे थे कि चीन ने कुछ जगहों से सैनिक नहीं हटाए है पर सरकार की बात पर भरोसा कर करे हम सब आराम से एसी चलाकर ठंडी हवा में सो रहे थे।
इस लिए हमारी नींद तब तक नहीं टूटी जब तक लद्दाख से ये ख़बर नहीं आ गई कि हमारे 20 जवान शहीद हो गए और 45 चीनी सैनिक भी मारे गए । सोशल मीडिया का एक हिस्सा इसी बात में सुख ढूंढ रहा है कि चीन को भी इसमें नुकसान हुआ और एक हिस्सा इस पूरे घटनाक्रम से अपनी राजनीति चमकाने में लगा हुआ है, एक के बाद एक खबरे आ रही और काफी शोर मच रहा है और इन्हीं शोर-शराबे के बीच वह सवाल भी दब रहे हैं जिनका जवाब लुटियंस दिल्ली में बैठे हुकमारान पिछले कुछ समय से देने में बच रहे हैं।







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