1 दिसम्बर, 2019, शबाना बानो
महाराष्ट्र में महादंगल के बाद सरकार का गठन बहुमत से तो हो गया लेकिन अभी भी यह परीक्षा खत्म नहीं हुई है।उद्धव ठाकरे की सरकार फिर से आज परीक्षा का दिन है आज होगी स्पीकर के कुर्सी की खींचातानी शिवसेना ने कांग्रेस एनसीपी के साथ गठबंधन को बहुमत से बना लिया लेकिन अब सीटों को बांटने में ठाकरे सरकार को परीक्षा देनी पड़ेगी जिससे अपने दोनों पार्टी का विश्वास रख सकें ।
नियमों के मुताबिक तो विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव गुप्त मतदान से होता है, लेकिन नई सरकार में सत्ता पक्ष इस बार खुले मतदान की मांग कर सकता है. सत्ता पक्ष के रणनीतिकार ऐसी योजना बना रहे हैं कि विश्वास मत की तरह ही अध्यक्ष का चुनाव भी खुला हो, ताकि किसी विधायक के फूटने का कोई चांस नहीं रहे.
विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में महाविकास अघाडी की तरफ से कांग्रेस के नाना पटोले और बीजेपी की तरफ से किशन कथोरे ने नामांकन दाखिल किया है. नाना पटोले बीजेपी के पूर्व सांसद है.
ठाकरे सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 145 वोट की जरूरत थी और उसे 169 वोट मिले हैं. बहुमत परीक्षण से पहले सदन में काफी हंगामा हुआ. बीजेपी नेता और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा सत्र का आयोजन संवैधानिक मानदंडों के तहत नहीं है.
ठाकरे सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 145 वोट की जरूरत थी और उसे 169 वोट मिले हैं. बहुमत परीक्षण से पहले सदन में काफी हंगामा हुआ. बीजेपी नेता और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा सत्र का आयोजन संवैधानिक मानदंडों के तहत नहीं है.
वहीं बीजेपी ने मुरबाड के विधायक किशन कथोरे को विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया है. किशन कथोरे पहले कांग्रेस में थे. दो बार कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं।उन्होंने प्रोटेम स्पीकर को भी बदलने पर सवाल उठाए और कहा कि बिना स्पीकर विश्वास मत नहीं होता है. उन्होंने कहा कि भारत में कार्यवाहक अध्यक्ष को कभी नहीं बदला गया तो भाजपा के कोलम्बकर को पद से क्यों हटाया गया.
हालांकि कार्यवाहक विधानसभा अध्यक्ष दीलिप वाल्से पाटिल ने फडणवीस के दावों को खारिज करते हुए कहा राज्यपाल की अनुमति के बाद सत्र का आयोजन किया गया है. इस दौरान सदन में ‘दादागीरी नहीं चलेगी’ के नारे भी लगे. हंगामे के बीच बीजेपी ने सदन से वॉक आउट कर दिया और फडणवीस समेत पार्टी के विधायक सदन से बाहर चले गए. इसके बाद विश्वास मत की प्रक्रिया पूरी की गई. बता दें कि 288 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के कुल 154 विधायक हैं. ऐसे में ठाकरे सरकार को कुछ निर्दलीय विधायकों और बहुजन विकास अघाड़ी के विधायकों का भी साथ मिला है.







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