आज दुनिया भर में वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे मनाया जा रहा है हम अगर बात करे दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारियों की तो उनमें से टॉप पर वर्ड मेंटल हेल्थ है। ये बीमारी इसलिए टॉप पर हैं क्योंकि इसमें इंसान मरने या अपने आप को मारने को सोचने लगता है।
क्यों मनाया जाता है मानसिक स्वास्थ्य दिवस

दुनियाभर में हर साल 10 अक्टूबर को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे मनाया जाता है. इस डे को मनाने के पीछे का जो उद्देश्य है, वह यह है कि लोगों को याद दिलाना है कि मेंटल हेल्थ भी उतना ही जरूरी है इंसान के लिए जितना कि फिजिकल हेल्थ जरूरी है। अक्सर हम सिरदर्द, बुखार और बाकी समस्याओं को सीरियस ले लेते हैं, लेकिन हम मेंटल हेल्थ को नजरअंदाज कर देते हैं।

यही वजह है कि जब हम समय रहते इस पर ध्यान नहीं दे पाते हैं, तो यह बाद में चलकर गंभीर डिप्रेशन, एंग्जायटी या यहां तक कि आत्महत्या जैसी स्थिति तक पहुंच जाता है। अगर हम इसको शुरू से गंभीरता से ले ले तो इतना आगे कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

इस दुनिया में तेजी से बदल रहे जमाने में दिमाग और याददाश्त का स्वस्थ और मजबूत होना बेहद जरूरी है। याद रहे कमजोर दिमाग वालों की कोई पूछ नहीं है। यही वजह है कि दिमाग को तेज बनाने आपके जीवन के लिए बहुत जरूरी हैं क्योंकि ये आपके सोचने, सीखने और फैसले लेने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। दिमाग ही शरीर का कंट्रोल सेंटर होता है, जो आपकी हर एक्टिविटी को जैसे पढ़ाई, काम, बातचीत और रोजमर्रा के फैसलों को निर्णय लेने में सहयोग करता है।
खुद से जुड़े और अपने स्वास्थ्य को स्वस्थ रखे

अगर आप दिन में कही लाइट या लैपटॉप फोन पर लगातार काम करते हैं तो आपका मेंटल हेल्थ खराब हो सकता है आपको स्वास्थ रखने के लिए ब्रेक लेते रहना चाहिए। सुबह खुली हवा में टहलना चाहिए और बिना अलार्म के उठने की आदत बनानी चाहिए

हर रात सोने से पहले एक नोटबुक में अपनी उन तीन अच्छी बातों को लिखें जो पूरे दिन में आपके साथ हुईं हो। यह कोई छोटी सी बात भी हो सकती है, जैसे किसी दोस्त की मदद या कोई स्वादिष्ट खाना। इस आदत से आपका ध्यान नकारात्मक चीजों से हटकर सकारात्मक चीजों पर जाएगा और आप अपने आप को खुश महसूस करेंगे।
अच्छी नींद

आपके मेंटल हेल्थ को स्वस्थ रखने के लिए अच्छी नींद बेहद जरूरी है आपको पूरी नींद लेना चाहिए। जब आप अच्छी नींद लेते हैं, तो आपका दिमाग शांत होता है और अगली सुबह आप खुद को बदला हुआ महसूस करते हैं। कोशिश करें कि रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें और सोने से पहले फोन का इस्तेमाल न करें।
सबसे ज्यादा मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम को चपेट में हैं कॉलेज स्टूडेंट

सर्वे के में बताया गया है कि 70% छात्र एंज़ाइटी और 60% से ज़्यादा डिप्रेशन से जूझ रहे हैं. इनमें सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दिल्ली के छात्रों में डिप्रेशन का स्तर सबसे ज्यादा पाया गया है। हर दिन 5 में से 3 स्टूडेंट डिप्रेशन से गुजर रहे हैं और ये चिंताजनक बात है स्टूडेंट को अपने परिणामों के नतीजों की चिंता और घर,अपने करियर,उसके बाद अलग तरीके की चिंताएं उनको डिप्रेशन की ओर खींच ले जाती हैं
Shivam Singh
BJMC 3







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