4 जनवरी 2020, शिवानी पाल

मौसम कोई भी हो जब तक उसमें बॉलीवुड तड़का नहीं लगे तब तक मौसम का रंग नहीं खिलता वैसे भी मौसम और फिल्मों का चोली दामन का रिश्ता है फिल्म में मौसम को फिल्माया जाता है और मौसम देखने वालों का मूड बनाता है। भयंकर गर्मी हो या कड़ाके की सर्दी दर्शकों को फिल्मों का बेसब्री से इंतजार रहता है फिल्मों के दीवाने एक टक नजर गड़ाए अपनी पसंदीदा फिल्म की तलाश में रहते हैं कौन सी फिल्म कब आ रही है उसकी रिलीजिंग डेट क्या है ,उनके फेवरेट एक्टर की फिल्म किस डेट में रिलीज होने वाली है वगैरा-वगैरा.. सब पर उनकी नजर गड़ी रहती है।
नए साल की शुरुआत के पहले महीने में ही यानी जनवरी 20 20 में रिलीज होने वाली फिल्मों का क्रैश क्रेज़ उनके ट्रेलर के साथ ही दिखाई देने लगा है ऐसे में जनवरी में रिलीज होने वाली फिल्मों का विवरण इस प्रकार है
3 जनवरी को रिलीज होने वाली फिल्में
शिमला मिर्च जिसमें राजकुमार राव के साथ बहुत लंबे समय बाद हेमा मालिनी नजर आएंगी
सब कुशल मंगल में अक्षय खन्ना रवि किशन की बेटी रीवा किशन और प्रियंक शर्मा अपना डेब्यू करते नजर आएंगे रवि किशन की बेटी रीवा किशन और प्रियंक शर्मा की यह पहली फिल्म है जिसमें दोनों एक साथ डेब्यू करेंगे ।
इंग्लिश की टाय टाय फिश जिसमें राजपाल यादव मनोज जोशी इंग्लिश की टाय टाय फिश करते नजर आएंगे।
10 जनवरी को रिलीज होने वाली फिल्में
तानाजी इसमें अजय देवगन और काजोल की जोड़ी एक बार फिर पर्दे पर दर्शकों का दिल जीतेगी उसी के साथ सैफ अली खान भी तानाजी में नजर आएंगे
छपाक एक बायोपिक है जोकि एसिड अटैक विक्टिम लक्ष्मी की जिंदगी पर आधारित है जिसमें दीपिका पादुकोण और विक्रांत मेसी ने अहम भूमिका निभाई है एसिड अटैक पीड़ितों के लिए एक बहुत बड़ा संदेश देती है और समाज में फैली इस मानसिकता पर प्रहार करती है।
जैसे-जैसे लोगों के सोचने का और चीजों को समझने का नजरिया बदला है वैसे ही बॉलीवुड ने भी अपने काम करने का और फिल्मों को फिल्माने का उन्हें पर्दे पर उतारने का नजरिया बदला है आज के दौर की फिल्में पहले के दौर से बहुत अलग है आज हर जोनर की फिल्म फिल्माई जाती है।
बदलाव की बात की जाए तो फिल्मों में सबसे बड़ा बदलाव फिल्म की कहानी में आया है एक कल्पना से परे आज की फिल्मों में जिंदगी की हकीकत की तस्वीर नजर आती है।आज हर उस कहानी को एक फिल्म में जगह मिली है जिससे खुद ऑडियंस जुड़ी होती है आज कितनी ही फिल्में ऐसी हैं जो उन चुनिंदा लोगों पर फिल्माई गई है जिन्होंने इसी भीड़ के बीच में खुद की मेहनत से एक मुकाम या एक मिसाल कायम की है जोकि लोगों को एक दिशा देने का काम करती है ।
फिल्में मात्र मनोरंजन का साधन बनकर नहीं रह गई है आज की फिल्म समाज में हो रही कुरीतियों पर एक प्रहार का काम करती हैं एक संदेश देती हैं लोगों को एकजुट करने में और अपनी आवाज को बुलंद करने में आगे बढ़कर अपने हक के लिए लड़ने में लोगों को प्रोत्साहित करती हैं फिल्मों का नजरिया उन्हें बनाने का तरीका उन्हें लोगों तक पहुंचाने का अंदाज़ बिल्कुल बदल चुका है आज का बॉलीवुड ना सिर्फ लोगों के मनोरंजन के लिए काम करता है अपितु समाज सेवा में भी उसका महत्वपूर्ण सहयोग रहता है मांझी द माउंटेन मैन ,छपाक आदि फिल्में इसका उदाहरण है।







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