Roushan Kumar
देश में धर्म परिवर्तन से जुड़े रोज नए नए मामले सामने आ रहे है | इन मामलों में होती बढ़ोतरी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 2020 में गैर कानूनी धर्मांतरण विधेयक भी पास किया था | इसमें जबरन धर्म परिवर्तन करवाने वालो के लिए कठोर दंड का भी प्रावधान था | लेकिन झारखण्ड के साहेबगंज जिले में धर्म परिवर्तन का एक ऐसे चौकाने वाला मामला सामने आया है जिसमें 15 आदिवासि परिवारों का धर्म परिवर्तन नहीं बल्कि उनकी धर्म वापसी हुई है | जी हाँ , बिलकुल सही सुना है आपने उन 15 आदिवासी परिवारों का धर्मांतरण नहीं उनकी धर्म वापसी हुई है | सूत्रों के अनुसार संथाल जनजाति और आदिवासियों में प्रलोभन देकर धर्मान्तरण का मामला वर्षो से चला आ रहा है | लेकिन इसके उलट उनके बीच 14 परिवारों के धर्म वापसी का मामला पहली बार हुआ है | साहिबगंज के गंगा किनारे स्थित मुक्तेश्वर धाम मंदिर में आदिवासी परिवारों का धर्म वापसी कर उन्हें सनातन धर्म में वापस लाया गया | इस दौरान वह मौजूद भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव के मौजूदगी में पूरा कार्यक्रम सफल हुआ | इस कार्यक्रम के दौरान पूरा गंगा घाट जय श्री राम और जय गंगा मैया के जयघोषों से गूंज उठा | इन सभी परिवारों की धर्म वापसी बजरंगी प्रसाद यादव के ‘धर्म वापसी घर वापसी’ मंच द्वारा माँ गंगा के तट पर करवाया गया | वहीं आपको बताते चले ये की सारे परिवार मंडरो प्रखंड के जोंकमारी गांव के निवासी थे जिन्हे प्रलोभन देकर ईसाई धर्म में धर्मांतरण करवा दिया गया था | मीडिया सूत्रों के मुताबिक इस पुरे घटना के बाद वहाँ के लोगो में धर्म परिवर्तन को लेकर जमकर आक्रोश देखा गया जबकि वहीं बजरंगी प्रसाद यादव ने मीडिया सूत्रों को बताया की पहाड़िया आदिम जनजाति के लोगो को ईसाई मिशनरियों द्वारा बहला फुसला कर उनका धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है | ऐसे लोगो के लिए धर्म वापसी का अभियान चलाया जा रहा है | उनका यह अभियान बहुत जल्द धर्म वापसी आंदोलन में तब्दील होगा जिसकी शुरुआत सबसे पहले संथाल परगना से जुड़े इलाकों में होगा | उन्होंने यह भी कहा की ऐसे धर्म परिवर्तन वाले मामले से जुड़े लोगो को बिलकुल भी बख्शा नहीं जायेगा |







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